हो जाइये तैयार क्यूंकि 'नोटबंदी' के बाद अब सरकार करने वाली 'चेकबन्दी' ! Government soon ban on cheque

जी हाँ ! आपने सही पढ़ा की भारत की केंद्र सरकार ने जिस तरह नोटबंदी की थी , उसी तरह अब वह जल्द ही चेकबन्दी करने वाली है यानि जिस तरह नोटबंदी होने के बाद 1000 और 500 रूपये के नोट की कोई मूल्य नहीं रह गई उसे तरह , चेकबन्दी होने के बाद आपके चेकबुक की भी कोई मूल्य नहीं रह जाएगी .

अगर आप भी अपना लेन-देन checkbook के ज़रिये चलता है तो आपको इस खबर पर ध्यान देना चाहिए क्यूंकि केंद्र सरकार ने जिस तरह काले धन से निपटने के लिए नोटेबंदी की थी उसी तरह अब वह बैंकिंग व्यवस्था को सुधरने के लिए चेकबुक पर पाबन्दी लगा सकती है . ऐसा कहना है अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (CAIT) का जिसके महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने बताया की सरकार अर्थव्यवस्था को कैशलेश इकोनॉमी बनाने पर जोर दे रही है। ऐसे में डिजीटल पेमेंट को बढ़ाने के लिए सरकार क्रेडिट और डेबिट कार्ड के माध्यम से भुगतान करने के पक्ष में है।

खंडेलवाल जी ने बताया की अभी सरकार नोट की छपाई पर 25000 करोड़ रुपए खर्च करती है। वहीं, इन नोटों की सुरक्षा पर 6000 करोड़ खर्च किए जाते हैं। अगर हिसाब लगाकर देखा जाए तो यह खर्च 31000 करोड़ रुपए का है। कैशलेस इकोनॉमी होने की स्थिति में खर्च में बड़ी कमी आएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि देशभर में 80 करोड़ एटीएम हैं, लेकिन सिर्फ 5 प्रतिशत कार्ड का इस्तेमाल डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए किया जाता है, जबकि 95 प्रतिशत एटीएम कार्ड सिर्फ कैश निकालने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं.

आपको बता दे की पिछले साल हुई नोटबंदी के बाद से ही वर्तमान की केंद्र सरकार डिजीटल पेमेंट को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है. डिजीटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई आकर्षक ऑफर भी पेश कर चुकी है. इसी क्रम में अब सरकार डिजीटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए चेकबुक की व्यवस्था को बंद कर सकती है. यदि चेकबुक बंद हुई तो व्यापारियों के पास नगद भुगतान के अलावा डिजीटल पेमेंट का ही ऑप्शन बचेगा.

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