मिसाल बनी शादी जब भाभी ने डाली देवर के गले में वरमाला | brother in law to marry his widow sister in law

वैसे तो आप लोगो ने कई शादी देखीं होंगी लेकिन मध्य प्रदेश के उज्जैन में लोगो ने ऐसी शादी देखीं जो सामाजिक बदलाव के लिए एक मिसाल बन गई .

आप लोग सोच रहे होंगे की आखिर इस शादी में ऐसा क्या था जो ये मिसाल बन गई ? तो हम आपको बता दे की ये शादी लड़की की पहली नहीं बल्कि दूसरी शादी थी और इस लड़की की शादी करवाने वाले और कोई नहीं बल्कि लड़की के ससुराल वाले थे . इतना ही नहीं जिससे इस लड़की की शादी हो रही थी वो इसका देवर ही था . दरअसल 17 फरवरी 2012 में बिजनेसमैन राजेंद्र चौधरी के बड़े बेटे आईटी इंजीनियर सुमित का विवाह बखतगढ़ के रहने वाले एक परिवार की लड़की गायत्री से हुआ . लेकिन करीब 2 साल बाद ही सुमित की एक हादसे में मौत हो गई

इस हादसे के बाद पूरा घर शोक में डूब गया था और अपने  बड़े बेटे की मौत के बाद राजेंद्र चौधरी पूरी तरह टूट गए . बेटे की मौत के बाद राजेंद्र चौधरी जी को अपनी बहु और 7 माह की पोती धनवी की चिंता सताने लगी . लेकिन राजेंद्र चौधरी जी ने खुद को संभाला और अपनी बहु को भी संभाला . उन्होंने गायत्री को इस दुःख से दूर रखने के लिए उसे कॉलेज करवाया और साथ ही उन्होंने अपनी बहु और पोती के भविष्य को लेकर एक फैसला लिया . जिसमे उन्होंने अपने छोटे बेटे हितेष की शादी अपनी बहु से करवाने की सोची . अपने पिता के इस फैसले को बेटे और बहु ने भी खुशी से काबुल किया.

फिर वो शाम भी आई जब दूल्हा बने हितेष और दुल्हन बनी गायत्री को देखकर राजेंद्र चौधरी काफी खुश थे . दोनों की शादी पुरे रीती रिवाज़ के साथ ही हुई . शादी की शाम हितेष घोड़ी पर सवार होकर गायत्री को ब्याहने निकला। बरात में परिजनों ने जमकर डांस किया . शादी में आए लोग भी इस शादी से काफी खुश थे . इसके बाद विवाह स्थल पर बरातियों की अगवान की बाद दूल्हे को स्टेज पर ले जाया गया और कुछ देर बाद गायत्री को भी स्टेज पर लाया गया और फिर जयमाला ओर फेरो से गायत्री और हितेष का विवाह संपन्न हुआ.

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