वडा पाव बेचकर दो लड़के बने करोड़पति
एक समय ऐसा था की इनके पास खुद के लिए खाने को पैसे नहीं थे पर कहते है न " कभी न हार मानने वालो की ही जीत होती है " ऐसा ही इन दोनों भाइयो के साथ हुआ इनके न हारने वाले जज़्बे ने इन्हे आज करोड़ो का मालिक बना दिया है और हमारा यकीन मानिये इनकी कहानी पढ़कर आप भी हैरान हो जाएंगे ।

2009 ये ऐसा दौर था जब पुरे विश्व में मंदी के काले बादल छाए हुए थे । सारी दुनिया की अर्थव्यवस्था चरमरा गई थी इस दौरान कई लाखो , करोड़ो ने अपनी नौकरिया भी गवा दी थी और इन्ही लाखो , करोड़ो लोगो में लंदन में काम करे रहे मुंबई के दो लड़के भी शामिल थे । ये दोनों लड़के मुंबई से लंदन कई सपने लेके आए थे पर मंदी ने इनके सारे सपने चूर-चूर कर दिए । नौकरी चले जाने के बाद इनकी माली हालत इतनी ख़राब हो गई की इनके पास खाने को भी पैसे नहीं रह गए थे ।

इन दोनों का नाम सुजय सोहानी और सुबोध जोशी है। सुजय सोहानी मंदी के दौर से पहले लंदन के एक फाइव स्टार होल में फूड एंड बेवरेज मैनेजर थे और उनके दोस्त सुबोध जोशी भी ऐसी ही कोई जॉब करते थे पर मंदी के बाद दोनों की ही जॉब चली गई । दोनों की हालत तो इतनी ख़राब हो गई की उनके पास खाने को भी पैसे नहीं थे । एक दिन दोनों आपस में ही बात कर रहे थे की सुबोध जोशी ने सुजय सोहानी से कहा की " मेरे पास तो वडा पाँव खाने तक को पैसे नहीं है " । वडा पाँव का नाम सुनते है सुजय के दिमाग में एक idea आया जो उसने सुबोध को सुनाया , जिसे सुनकर सुबोध भी काफी खुस हुआ । ये idea था लंदन में वडा पाँव बेचने का ।

अब दोनों निकल पड़े अपने वडा पाँव के स्टॉल के लिए कम बजट की जगह ढूंढने के लिए , काफी दिनों तक भागदौड़ करने के बाद उन्हें एक आईस्क्रीम कैफे ने जगह दी पर इसके बदले उन्हें हर महीने 35 हजार रुपये बतौर किराया देना था. दोनों ने अपनी वडा पाँव का स्टॉल लगाया और 1 पाउंड यानी कि 80 रुपये में वड़ा पाव और 1.50 पाउंड यानी कि 150 रुपये में दबेली बेचने लगे कुछ दिनों तक दोनों को कोई प्रॉफिट नहीं हुआ पर दोनों ने हार नहीं मानी और उन्होंने एक तरकीब निकाली. ये तरकीब थी लंदन की सड़कों पे जा कर लोगो को Free में वड़ा पाव और दबेली टेस्ट करना । दोनों ने वडा पाँव का नाम बदलकर इंडियन बर्गर रख दिया और धीरे-धीरे उनकी मेहनत रंग लाने लगी ।  लंदन के लोग वड़ा पाव को खूब पसंद करने लगे ।

अब दोनों का बिजनेस चल पड़ा था और अब दोनों को अपने स्टॉल के लिए बड़ी जगह चाहिए थी इसीलिए उन्होंने उस आईस्क्रीम कैफे को छोड़ा और दूसरी स्टॉल खोला । दोनों का ये वडा पाँव लंदन में काफी हिट हो रहा था इसीलिए एक पंजाबी रेस्टोरेंट ने उन्हें साथ-साथ बिजनेस करने का ऑफर दिया प्रपोजल काफी अच्छा था इसलिए दोनों मान गए ।अब एक वडा पाँव का स्टॉल एक रेस्टोरेंट में तब्दील हो चुका था. इस समय सुजय और सुबोध के लंदन में कई  रेस्टोरेंट हैं जिसमें कई लोग काम करते हैं और ये लोग वडा पाँव के साथ-साथ कई और इंडियन स्ट्रीट फ़ूड भी लोगो को खिलते है

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