VIP- मिलिए भारत के सबसे VVIP पेड़ से , जिसके पीछे खर्च होते है लाखो रुपये

Milye india ke sabse VVIP tree se , jiseke peeche kharch hote hai laakho rupye

इस पेड़ की सुरक्षा और देखभाल के लिए 24 घंटे तैनात रहते है सिपाही और हर हफ्ते कृषि विभाग के अधिकारी करते है दौरा | आइये पढ़ते है इस पेड़ के बारे में पूरी जानकारी ... आखिर ये VVIP पेड़ है कौन ?

ये पेड़ मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सलामतपुर की पहाड़ी पर है ये देश का पहला VVIP पेड़ . इस पेड़ के लिए ख़ास तौर पर पानी के टैंकर का इंतजाम है और इस पेड़ की सुरक्षा और देखभाल के लिए 24 घंटे  सिपाही तैनात रहते है . इस पेड़ के चारो तरफ 15 फीट ऊंची जाली लगी है जिसके अंदर ये VVIP पेड़ लहलहाता है . ये पेड़ इसी तरह लहलहाता रहे उसके लिए प्रशासन हर साल इस पेड़ के रख-रखाव लगभग 12-15 लाख रुपये खर्च करता है |

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असल में ये पेड़ एक बोधि वृक्ष है जिसे 2012 में श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षे ने लगाया था |  बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए इस पेड़ का खास महत्व है क्यूंकि तथागत बुद्ध ने बोधगया में इसी पेड़ के नीचे ज्ञान प्राप्त किया था. जिस पहाड़ी पे ये पेड़ लगा हुआ है उस पहाड़ी और आस-पास के पहाड़ियों को बौद्ध विश्वविद्यालय के लिए आवंटित किया गया है. पूरा क्षेत्र बौद्धिस्ट सर्किट के तौर पर विकसित किया जा रहा है.इस पेड़ की सिचाई के लिए सांची नगरपालिका ने अलग से पानी के टैंकर का इंतजाम  किया हुआ है और पेड़ को बीमारी से बचाने के लिए कृषि विभाग के अधिकारी हर हफ्ते दौरा करते हैं अगर इस स पेड़ का एक पत्ता भी सूखे तो प्रशासन चौकन्ना हो जाता है .

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 ये बात और है की जिस विश्वविद्यालय के नाम पर बोधि वृक्ष को लगाया गया था वहाँ छह साल बाद भी कोई विश्वविद्यालय नहीं बना है . जबकि विश्वविद्यालय लग-भग 20 लाख का किराया देकर निजी जगह पर चलाया जा रहा है.

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